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Wednesday, 15 January 2014

यादों को बक्से में बंद कर...

कुछ यादों को बक्से में बंद कर चाभी भुला दी है
सोचता हूँ एक ताला दिमाग पे भी लगा दूँ

बुरी आदत है इसे हर बात याद रखने की...


Tuesday, 23 August 2011

आँसुवों का इंधन...

मेरे सपने भी ऊँची उड़ान नहीं भरते आंसुवों के इंधन बिना
कुछ ज्यादा ही महंगा है

आँखों को सूख जाना ही अच्छा लगता है अब...